तूने जैसे भी मेरी कीमत आंकी है
पर अभी भी मेरी उम्मीद बाक़ी है
बदला तो है तूने अपना घर लेकिन
साँसों में अभी ख़ुशबू मेरी बाक़ी है
उस कुर्ती पे अब भी निशाँ है मेरा
वो जो आज प्यार से तूने टांकी है
वो तस्वीर भी मेरी वहीं है देखो
जो मिट्टी की परतों से तूने ढाँकी है
तोड़ डालो ये भरम आज मेरी मानो
कि तूने मुझसे कोई दूरी मापी है
- Rमन
