नसीब को मत कोसो ख़ुशियों को गिनो
कुछ पल के लिए ही सही हसीं को चुनो
ज़िंदगी में ख़ुशी के पल कम हों तो क्या
ख़ुशी के पल में बसी उस ज़िदगी को बुनो
जो हो जाये बंद राहें तो ना हो उदास
नई राह दे आवाज़ें आहट को सुनो
लगे जब ज़िन्दगी में गम हुए हैं ज़्यादा
जा किसी और की परेशानी को सुनो
रखो खुद पे भरोसा न नादानी को चुनो
माँगो बस उस से, महादानी को चुनो
-Rमन


