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Nepali PoetryArticle1 min read

प्रेम की पींग बढ़ाओ जरा धीरे धीरे

Ram Krishan RastogiRam Krishan Rastogi November 8, 2021
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प्रेम की पींग बढ़ाओ जरा धीरे धीरे
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प्रेम की पींग बढ़ाओ जरा धीरे धीरे।
ये डोरी न टूटे बढ़ाओ जरा धीरे धीरे।।

रूठ जाऊं अगर तुमसे जिंदगी में।
आकर मुझे मनाओ जरा धीरे धीरे।।

पढ़ाती रहती हो दिन रात तुम मुझको।
अब मुझे पढ़ाओ तुम जरा धीरे धीरे।।

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