खामोशी का सिलसिला , जब से चल पड़ा है।

कोरी तन्हाइयों का डेरा , बस मुझ पे ही अड़ा है ।

सारी रात भर मैं जगूं , तेरी यादों के सहारे ।

तेरी यादों के सहारे , बस तेरी यादों के सहारे

अब तक मैं जी रहा , बस तेरी ही याद में।

रो - रो रोकर हो गये , हाल मेरे दिल के बुरे ।

बस गया है एक तेरा , चेहरा मेरे दिल में।

खामोशी का सिलसिला , जब से चल पड़ा है।

कोरी तन्हाइयों का डेरा बस , मुझ पे ही अड़ा है।

मेरी सैंकड़ों हसरतें है,  तुझ बिन अधूरी।

तोरी हंसी से मिला है , मुझको चैन ।

तुमरी बातों में खिला है , मोरा ये दिल।

तेरी आवाज़ों की आहट में होती , मेरे अश्कों की बारिश।

खामोशी का सिलसिला , जब से चल पड़ा है ।

कोरी तन्हाईयों का डेरा , बस मुझ पे ही अड़ा है ।