चंग पर खूब बजेगी अब तो थापों की गूँज !
गांवों में होता है आगमन होली का जब !
देखो जी बहना ,अरे सुनो जी भैया आ गई है होली ।।
पवन भी आयेगा हम सबको अब तो मलने गुलाल !
ओर खिल उठेंगे हम सबके ये प्यारे -प्यारे गाल !
नाचेगी -झूमेगी मेरे गांव की ये सारी बहना !
आ गया है मौसम वासंती बहारों और मीठे -मधुर गीतों का !
धरती रक्षक पेड़ों से फूट पड़े है नन्हें -नन्हें से कौंपल !
चंग पर खूब बजेगी अब तो थापों की गूँज !
गाँवों में होता हैं आगमन होली का जब
देखो जी बहना , अरे सुनो जी भैया आ गई है होली ।।
खेलता -झूमता और नाचता है ये मेरा अपना गाँव
आपस के सारे वैर भूला कर वे फिर से मुस्कराते हैं
ओर भाई को अपना भाई मानकर फिर से गले लगाते हैं
चंग पर खूब बजेगी अब तो थापों की गूँज
गाँवों में होता हैं आगमन होली का जब ।
देखो जी बहना , अरे सुनो जी भैया आ गई होली ।