
गुनाहगारों को घर में कैदकर,
प्रकृति कर रही अपना उपचार I
शीतल वायु, शुद्ध सरोवर,
मानव कर रहा हाहाकार I
क्षमा प्रार्थी हम हैं त
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गुनाहगारों को घर में कैदकर,
प्रकृति कर रही अपना उपचार I
शीतल वायु, शुद्ध सरोवर,
मानव कर रहा हाहाकार I
क्षमा प्रार्थी हम हैं त