गुरु वचनों का पालन करना,
मात- पिता की सेवा करना I
संस्कारों की गुरु शाला में,
विद्यार्जन ही 'सफलता' है I
सत्य वचन और मृदु वाणी से,
सबके मन को मोहित करना I
सम दृष्टि और सम्मान का भाव,
मनो शांति ही 'सफलता' है I
कर्तव्य-लक्ष्य और पथ प्रशस्त,
परिश्रम हो जिसका मूल मंत्र I
अविरल धारा सा चलता जीवन,
बुलंद हौसले भी 'सफलता' है I
परेशानी कोई भी आए,
अवसाद न मन में छाए I
विफल को सफल बनाए जो,
वह दृढ़ संकल्प 'सफलता' है I
धैर्यशील और शौर्य का भाव,
देश पर मर मिटने की चाह I
हर साँस करें कुर्बान इसी पर,
जय हिंद का नाद 'सफलता' है I
मौलिक एवं स्वरचित
रक्षा गुप्ता


