माँ - बेटी का यह रिश्ता तो जैसे नयन और ज्योति,

जमाने में इससे मजबूत कोई डोर नहीं होती॥

उजाला है मेरे घर का मेरा अभिमान है बेटी,

कहूँ बस अब मैं इतना प़भु का वरदान है बेटी॥


-- रक्षा गुप्ता