किस्सा एक पुराना हो गया है
फ़िर एक नया किस्सा बुनते है
तुम थामना मेरा हाथ
रास्ता कुछ ऐसा तय करते है
पूछेंगे ना कोई सवाल ना कोई जवाब
आंखें पढ़ने की तरकीब नई ढूंढते है
हम मिलेंगे फ़िर किसी इक रोज
उस ढलती शाम का तब तक इंतज़ार करते है
किस्सा एक पुराना हो गया है
फ़िर एक नया किस्सा बुनते है
तुम थामना मेरा हाथ
रास्ता कुछ ऐसा तय करते है
पूछेंगे ना कोई सवाल ना कोई जवाब
आंखें पढ़ने की तरकीब नई ढूंढते है
हम मिलेंगे फ़िर किसी इक रोज
उस ढलती शाम का तब तक इंतज़ार करते है