मैं हूँ तो तू है,
मेरे होने से अस्तित्व तेरा है,
मत कर ग़ुरूर, पुरुष होने पर,
क्योंकि तू बना एक स्त्री से ही है।
दो शब्दों में तेरी पहचान ओ नर,
मैं नारी साथ है मात्राओं के स्वर,
माना मेरी पहचान तुझसे है
बग़ैर मेरे तू भी अक्षम है।
~राखी लुक्कड़


मैं हूँ तो तू है,
मेरे होने से अस्तित्व तेरा है,
मत कर ग़ुरूर, पुरुष होने पर,
क्योंकि तू बना एक स्त्री से ही है।
दो शब्दों में तेरी पहचान ओ नर,
मैं नारी साथ है मात्राओं के स्वर,
माना मेरी पहचान तुझसे है
बग़ैर मेरे तू भी अक्षम है।
~राखी लुक्कड़