मैं कहूँ दिन तो मुझे सच बताये

मैं कहूँ मैं सही तो वो मुझे सही रास्ता दिखाये

कृष्णा सा अलौकिक स्नेह मुझे सिखाये

बातों से साडी कड़वाहट को मिटाये


जैसे किताब को जरुरत है आवरण की

बस मेरे लिये वो आवरण बन जाये

जैसे स्याही के बिना क़लम का को मोल नही

बस ऐसा अनुराग वो मुझसे करता जाये!


~राखी लुक्कड़