मेरी चाहत की आख़िरी मंज़िलइस सफ़ऱ की आखिरी ख़्वाहिशबस किताबो का वो कौना हैजहाँ मैं सब कुछ भूल जाती हूँबस मैं इबादत तेरी करती हूँ