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किसान


मैं बस इतना जरुरी हूँ ,खाते वक़्त याद आता हूँ ,

जूझ लूँ मैं कितना भी ,हर क्षण परेशान रहता हूँ

सोने से भी कीमती, अन्न उगा देता हूँहाँ मैं मज़बूर किसान हूँ

— राखी लुक्कड़
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