दर्द अपनों का सह कर भी
पल-पल से बनता है एहसास,
एहसास से बनता है अनदेखा विश्वास,
अनदेखे विश्वास से बनता हैं रिश्ता
रिश्ते से बनता है जीवन भर का साथ.
साथ से बनता है.अपना परिवार
अफसोस.बेवंफा इनमें.कोई खास
साथ.भी न बन पाई..
#कठाक्ष#काव्य#रचनाकार#राकेश_पाण्डेय