नन्ही सी छोटी सी उम्मीद लगाए है ,

ज़मीन में मैने अपने हाथों से कल की एक सुंदर सी तस्वीर लगाई है ।

खिलेंगी इसमें ख़ुशियों की कलियाँ उम्मीदों के फूल खिलेंगे,

इन नन्हे हाथों से मैने एक उम्मिद लगाई है।