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मेरा ख़्याल


तेरा ख़्याल भी अजीब हैतू मेरा नसीब हैये चाहत और तन्हाईमेरी वफ़ा कहूँ या कहूँ तेरी रुसवाईहश्र क्या होगा मेरे ख़्याल काकभी तो आओ मेरे ख़्याल को करने मुकम्मलदिल की गहराई से

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