उस दिन,जब निकला मैं तुझसे मिलने
पता ही नहीं चला,कब खत्म हो गया
तेरे घर तक का रास्ता,
मिला तुझसे,देखा तुझे,
फिर जो लौटा मैं उस दिन,
खत्म होने में ही ना आया
मेरे घर तक का रास्ता


उस दिन,जब निकला मैं तुझसे मिलने
पता ही नहीं चला,कब खत्म हो गया
तेरे घर तक का रास्ता,
मिला तुझसे,देखा तुझे,
फिर जो लौटा मैं उस दिन,
खत्म होने में ही ना आया
मेरे घर तक का रास्ता