स्मृति पटल पर तेरी छवि,आज भी ताजा, आज भी मधुर,बाकियों को खोजता हूँ,कुछ गुम, कुछ धुंधले,उम्र का असर होता,तो क्या होता ऐसा,फिर वो क्या है,जो मिटने नहीं देता,तेरी याद, तेरा स्पर्श,बता भी दे अब,जाने का समय है अब।