शब्द खो रहे अर्थ,कुछ कहना अब व्यर्थ,सुनना तो कतई निरर्थ,देखना कर देता अनर्थ,शब्द पत्थर हो रहे हैं,बस घाव ही दे रहे हैं।
शब्द खो रहे अर्थ,कुछ कहना अब व्यर्थ,
सुनना तो कतई निरर्थ,देखना कर देता अनर्थ,
शब्द पत्थर हो रहे हैं,बस घाव ही दे रहे हैं।