ओ माँ's image

साल दर साल गुजरते जाते हैं 

तुझ बिन .....

एक साल और गुजर गया 

तुझ बिन ....... 

कहाँ होगी तुम ....

ईश्वर के पास या

मिल गया होगा नया जन्म .....

नये रिश्ते, नया नाम......

सब कुछ नया....

रमी होगी उन सबमें, 

भूल कर हमें, 

यही आदत भी है तुम्हारी 

खुद को भूलकर रिश्ते निभाने की


......<

Read More! Earn More! Learn More!