कामयाबी के सफर में, 

बहुत भीड़ है, 

शोरगुल है, 

और मन अकेला, 

इसे बहलाए रखिये, 

भटकाए रखिये,

तभी रहेगा साथ, 

गर भूल से भी, 

सरक गया ये, 

किसी तंग गली में, 

ढूंढे नहीं मिलेगा, 

खींच लेगा तुम्हें भी, 

ताकत बहुत है इसमें,

किसी से मिलने न देगा, 

दो बात करने न देगा, 

दगाबाज है, 

सबकुछ छीन लेगा, 

फिर झटक कर हाथ,

छोड़ कर अकेला, 

चल देगा, इठला कर।


तुम बातों में इसकी न आना,

मिलते रहना, 

बातें करते रहना,

खींचे जब तुम्हारा हाथ,

झटक देना, 

मुंह फेर कर इससे, 

किसी अपने से बात करना,

किसी रूठे को मना लेना,

कस कर पकड़ लेना, 

किसी अपने का हाथ,

निकल जाना किसी के भी साथ, 

इसे मुंह न लगाना, 

इसकी बातों में न आना।