तेरे नाम की माला, 

मैं जपूं या न जपूं, 

हूँ तो तेरा, 

और तू मेरा, 

तुझ में मन रमें या न रमें, 

हूँ तो तेरा हिस्सा ही, 

जाऊंगा कहाँ, 

मिलूंगा तो तुझमें ही।