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कितना वक्त


वक्त कितना बीत गया,कितना बाकी,किसी को खबर नहीं,चल रहे हैं सब मगर,कोई साथ नहीं,कितने मिले,कितने छूटे,इसका भी हिसाब नहीं,जो मिले वो अच्छे थे,जो छूट गये, उनका पता नहीं,मैने किसी को नहीं छोड़ा,इसपर मुझे अभिमान नहीं।

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