जाने कहाँ चले जाते हैं लोग,
अनगिनत कहानियों,
रह जाती हैं पीछे,
जिन्हें याद भी नहीं करता कोई,
क्यों आते हैं,
कितना कुछ करते हैं,
किसी से प्रेम,
किसी से छल,
किसी से नफरत,
किसी से मोह,
किसी पे जान देते हैं,
किसी से सब छीन लेते हैं,
इसी सब को जिंदगी मान लेते हैं,
चले जाते हैं जब,
कुछ दिन की याद,
फिर धुंधला सा सबकुछ,
उसके बारे में,
नाम भी नहीं लेता कोई,
लगता ही नहीं कि था कोई,
जा कर ,वापस आता नहीं कोई ,
जहाँ जाना है, उसका पता नहीं,
कहाँ से आया था, खबर नहीं,
फिर भी,
जाने क्या क्या करता है,
क्यों कर करता है ।


