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धीरे-धीरे


हैरान नहीं हूँ,न ही परेशान,रुक गया हूँ,थका नहीं हूँ .....पहचान रहा हूँ ....धीरे धीरे खुद को,अन्दर बाहर....कैसा हूँ, कौन है मेरा,बाहर वाले या .....वो, जो है अन्दरपहचान रहा हूँधीरे धीरे ....

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