हर कोई परेशान है,
ये गम है,
ये कम है,
वो बिछुड़ गया,
वो खो गया,
यह रहा नहीं,
और वो छिन गया,
मैं देखूं अपनी ओर,
तू बरस रहा मेरे चहुँ ओर,
कोई डाह नहीं,
कोई रार नहीं,
कोई चाह नहीं,
मैं बस भीग रहा
बस.... भीग गया।


हर कोई परेशान है,
ये गम है,
ये कम है,
वो बिछुड़ गया,
वो खो गया,
यह रहा नहीं,
और वो छिन गया,
मैं देखूं अपनी ओर,
तू बरस रहा मेरे चहुँ ओर,
कोई डाह नहीं,
कोई रार नहीं,
कोई चाह नहीं,
मैं बस भीग रहा
बस.... भीग गया।