माँ की गोद क्यों सूनी है ………
बिलख रही है माँ आज तो पिता कi सीना छलनीहै टीस उठ रही सीने में घर आंगन खiली है माँ चिल्लाती प्रद्युम सुन ले तेरी रखी दूध की प्याली है पापा बोले आजा बेटा तेरे खेल खिलौने बाकी है, गूंज रही थी किलकारी उस नन्हे मुन्ने के आने से आज रो रही दरों दीवारें उसके घर से जाने से आज उसे इन्साफ दिला दो यह फरियाद हमारी है माँ बाप का सीना छलनी है माँ अपनी कोक से हरी है रजनी कपूर

