गीत क्या लिखू ………….
गीत क्या लिखू
अल्फ़ाज़ कहा से लाये
तेरी तारीफ में कोई शब्द भाता ही नहीं है
नज़रो को उन्ही नज़रो की आदत सी पड़ गयी
इन नज़रो में और कोई समाता ही नहीं है
अजब है ये प्यार की नज़रो क खेल साहिब
एक बार घर कर जाये तो फिर कोई आता ही नहीं है
गीत क्या लिखू अल्फ़ाज़ कहा से लाये
रजनी कपूर