मैं और मेरा इश्क।।'s image
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मैं और मेरा इश्क।।

मैं और मेरा इश्क।।

 

कुछ यूं बहा दरिया-ए-अश्क, बहता ही रह गया।

कुछ यूं सहा था दर्द-ए-दिल, सहता ही रह गया।।

 

मायूस खुद से रहे, न थामा हाथ बढ़कर किसी ने,

कुछ यूं खला साथ उनका, खलता ही रह गया।

 

तिनका तिनका चुनकर बनाया संवारा था जिसे,

कुछ यूं जला वो आशियाँ, जलता ही रह गया।।

 

तू ज़िन्दगी में शामिल, तू जन्नत, तू ही खुदा मेरा,

कुछ यूं कहा था दिल मेरा, कहता ही रह

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