स्याह रौशनाई के रंग हजार
स्याह रौशनाई के रंग हजार
पूरब की सिंदूरी चुनरी ओढे
पानी पर उसके अलता के छाप
काले मेघा फिर घिर आए अब
उस के दो नयनों की बरसात
बिजली की तलवर की धार
स्याह रौशनाई के रंग हजार
सुबह जल चढाते सूर्यमुखी के पौधें
गेहूं के रोपें हरे लहराते खेत
चाक पर माटी में सने हाथ
यह स्याह रौशनाई के गहरे पक्के रंग हैं।


