मुश्किलों से भागना तो होता है आसान

पर जीवन की मुश्किलें लेतीं हैं इम्तहान

इन कमजोर मुश्किलों से ना हो परेशान

ये तो हैं बस पल दो पल की मेहमान


गर टूट जाएं ख्वाब तो रखो हौषले जिंदा

क्योंकि वो करते है मुश्किलों को शर्मिंदा

जीतने का हर पल मन मे वादा करो

और कोशिश फिर उससे भी ज्यादा करो


ये मुश्किलें तो रहती हैं बस दिन दो चार

तू हौषला ना छोड़ है समय की ये पुकार

जो हिम्मत हारी तूने तो होगी तेरी हार

मुश्किलों से लड़ने पे होंगें सपने साकार


(राजेश जोशी)