दिल मे था कोहरा, और आँखों मे अंधेरा घना
तेरे प्यार की धूप पड़ी, तो मै उजाले सा बना
बेहाल था हाल और, आँखों मे थी धुन्ध जमी
तेरे आने से दिल की, बगिया महकने लागि
चाहत ने तेरी किए हैं, मेरे सारे सपने साकार
तेरी वजह से अब मै, करता हूं खुद से प्यार ||
(Rajesh Joshi, Dallas TX)
