वो शीशम का पेड़ वो जामुन के फ़ल,

याद आते हैं अकसर वो गुज़रे हुए कल,

आम के टिकोरे का चटखारा नमक मिर्चे के साथ,

वो बगीचे के कुंए का गज़ब शीतल जल ,


याद आते हैं अकसर वो गुज़रे हुए कल,


~ राजेश काशीवासी