मुबारक हो होली सभी को, ऐ मेरे दोस्तों,
आप भी प्यार से मुबारक सभी को कहें दोस्तों,
रंग जाति धरम नाम की खलल ना पड़े,
मन में सद्भाव आपस में प्यार ही रखें दोस्तों,
रंग और पानी सा हम मिलकर रहें,
कोई लाख कोशिश करे ना बिछड़ें दोस्तों,
रंग एक ही दौड़ता है धमनियों में सबके,
फ़िर खुद में भेद कर हम क्यों लड़ें दोस्तों,
मुबारक हो.....
रंग चढ़ायें खुद पर ऐसा देशहित का सभी,
मरते दम तक ना ये उतरे दोस्तों,
एक रंग ही दिखे सारी दुनिया को,
आओ मिलकर कुछ ऐसा करें दोस्तों,
मुबारक हो....
ऊँच नीच का काला रंग भी ना हो,
हर बुराई की होलीका जले दोस्तों,
ये तेरा वो मेरा को जगह ना मिले,
हर किसी में ऐसा रंग भरें दोस्तों,
मुबारक हो....
भाई चारे की बाल्टी में रंग घोलकर,
राष्ट्रवाद से सबको तर करें दोस्तों,
और अगर रंग उड़ायें हम आशमाँ में ,
तो तिरंगे की छवि उभरे दोस्तों,
मुबारक हो....... ~राजेश यादव 'काशीवासी'


