ख्वाहिशों की हार


क्रेडिट है एक, डेबिट हज़ार

चंद रुपयों में सिमटा सारा संसार।

उस अकेले क्रेडिट से फिर हुईं ख्वाहिशें गुलज़ार,

पर डेबिटों के झुंड ने चखाई ख्वाहिशों को हार। 


@राजेश