बिहार के स्टार..


एक बिहार का लाल, गया काल के गाल

कुछ लोगों ने मनवा दिया कि खुद से किया ये हाल

हम भी मान बैठे कि जिंदगी से परेशान हो गया होगा

था वो एक सितारा, फर्श पर आने का डर सता गया होगा


वक्त ने ली करवट अंधियारे मिटने लगे

पिता की आह से राज सब खुलने लगे

जो लगता था कल तक एक बेचारा 

अब सोचता हूं कि कितनों ने उसको मारा


नहीं कोई उम्मीद हमें वहां के रखवालों से (मुंबई पुलिस)

जिसने बोला कि मरा है वो अपने ही सवालों से

भेजा बाहर का रखवाला बड़े जतन के बाद (बिहार IPS)

लेकिन उसे भी बोला कि पहले एकांतवास फिर पूछताछ


पूरी दुनिया की दिलचस्पी, कि क्या क्या हुआ होगा

मरा वो खुद से या किसी ने छल कपट किया होगा

लगता है कि अब दिल्ली उसको इंसाफ दिला देगी

कुटिल महाविकास अघाड़ी की सरकार हिला देगी


अब राजनीतिक पहलू


गया बिहार का लाल और चुनाव भी है इसी साल

ना होता वो पटनावासी,तो क्या होती नेताओ को फिक्र जरा सी

था वो एक सितारा तो दिख गया सबको वोट बैंक सारा

अरे उसको भी तो देखो,बाढ़ में छिन गया जिसका जग सारा


एक बाप ने खोया बेटा तो माननीय बोले कि हमदिलाएंगे न्याय

जब हजारों ने घरपरिवार खोये तो बोले कि ये प्राकृतिक आपदा तो हर साल आए

सितारा हो या नागरिक सब मेरे लिए समान 

जिससे मेरी कुर्सी बचती वहीं मेरा भगवान (नेता)


उम्मीद है कि अब जांच से खुलेगी रहस्य की किताब

पर आश्चर्य नहीं अगर इसी आंच से लिया जाए 2019 का हिसाब (महाराष्ट्र चुनाव)

जिन्हें लगता था कि महाआघाड़ी ही सरकार बनाने का फंडा है

वो ये भूल गए की मोटा भाई (अमित शाह)अभी जिंदा है


राजेश