कुछ तो है

जो मुझे जीने नहीं देता,

सोने भी नहीं देता

एक पहर

निश्चिंत मन से

बार-बार चिल्लाता है

उठो

जागो

अब भी सुबह नहीं हुई है

मानो मुझे ही लाना होगा

सूरज को हाथ पकड़ कर

या गोद में उठाकर

आसमान में काले बादल

और भयानक तूफान

आसान तो नहीं है

सूरज लाना

आग होना होगा

जल कर राख होने तक

सूर्य को गले लगाना

क्या संभव हैं ?