Poetry 1 min read 618.5K reads

Propose day


यादें, ख़्वाब, ख़ामोशी, बेचैनी, बेकरारीपता भी न चला ये दौलत मुझे अता भी हो गई

तुम मोहब्बत को ख़ता समझती होक्या होगा गर मै कहूँ मुझसे ये ख़ता भी हो गई

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