मोहब्बत की बातें सुनाते ये लबनग़मा सा एक गुनगुनाते ये लबख़ामोशी के पीछे मुस्कुराते ये लबफूलोँ को खिलना सिखाते ये लबजवानी पे शबनम बिछाते ये लबये लब चूम लूँ तो क्या ग़म है
मोहब्बत की बातें सुनाते ये लबनग़मा सा एक गुनगुनाते ये लब
ख़ामोशी के पीछे मुस्कुराते ये लबफूलोँ को खिलना सिखाते ये लब
जवानी पे शबनम बिछाते ये लबये लब चूम लूँ तो क्या ग़म है