
ख़ून से अपने सींचा मॉ,
अहसास रगों में दौड़ाया तेरी साँसों के स्पर्श से,
ले जीवन धरती पर आया।
कच्ची माटी को घड़ा माँ तूने,
हाथों से अपने सहलाया फिर दे के सहारा हाथ पकड़ ,
मुझको था चलना सिखलाया।
तेरी ममता भरी दुआएँ ,
रह भूखी मुझे खिलाया
माँ आँचल की ठंडी छाओं में,
ख़ुद जागी मुझे सुलाया माँ ।
हर श्वास में तेरे
Read More! Earn More! Learn More!
