
तन्हा हु मै तन्हा हो तुम तन्हा है दिल तन्हा सफर
आ जाओ तुम न जाओ तुम, तड़पाती है तन्हाईया
कब तक रहु तुम से जुदा टूटा हुआ सहमा हुआ ..
आ जाओ तुम ना जाओ तुम , कब तक सहु रुसवाईया
कल हो ना हो , पल वो ना हो, होना था जो अब हो ना हो
बस सोच कर इन बातों को बढ़ने लगी बेताबियाँ
यादों के संग पल -पल यहाँ क्यों बुझ रही उम्मीद है
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