वर्षा अपने बाद लाती है कुछ अल्पकालिक परिवर्तन ,मैदानों में निकल आती हैं बीरबहूटियाँ ,टर्रानें लगते हैं मेंढक समवेत स्वर में ,लग आते हैं चींटियों के पर ,उग आते हैं कुक्कुरमुत्ते ,पर सभी थोड़े समय के लिए ,
वर्षा अपने बाद लाती है कुछ अल्पकालिक परिवर्तन ,मैदानों में निकल आती हैं बीरबहूटियाँ ,
टर्रानें लगते हैं मेंढक समवेत स्वर में ,लग आते हैं चींटियों के पर ,
उग आते हैं कुक्कुरमुत्ते ,पर सभी थोड़े समय के लिए ,