डरते नहीं थे , किसी भी बवाल से ।

डरे बैठे हैं , जुकाम के ख्याल से ।

सब तरफ वबा की, हवा हो गई है ।

आज दूरियां ही , शफ़ा हो गई हैं ।

महफूज़ कल के वास्ते ,

इक टास्क है जरूरी ।

हर एक के मुँह पर ,

मास्क है जरूरी ।

- राजीव " हैरान "