जरासीम फैले हवाओं मेंं रहे ,सब लोग अपने ठिकानों में रहे ,कुछ बेघर से रास्तों पर चलते रहे ,तुम महफूज़ मेरे दिल की पनाहों में रहे ।
जरासीम फैले हवाओं मेंं रहे ,सब लोग अपने ठिकानों में रहे ,
कुछ बेघर से रास्तों पर चलते रहे ,तुम महफूज़ मेरे दिल की पनाहों में रहे ।