कितने कमनसीब हैं वो ,जो ये दर्द सहा करते हैं ।शहर छोड़ कर तेरा ,कहीं गैरों सा रहा करते हैं ।तभी तो नहीं कहता ,कि तेरा शहर छोड़ जाउंगा ।
कितने कमनसीब हैं वो ,जो ये दर्द सहा करते हैं ।
शहर छोड़ कर तेरा ,कहीं गैरों सा रहा करते हैं ।
तभी तो नहीं कहता ,कि तेरा शहर छोड़ जाउंगा ।