मेरा न सही , वक्त का ख्याल करो ।

बेवक्त ख्यालों में चले आते हो ।

वक्त होता है जब मुहब्बत का ,

तनहा करके छोड़ जाते हो ।

चाँद रोता है जब अकेले में ,

तुम चाँदनी में नहाते हो ।

मेरी बातों का ना मलाल करो ,

मेरा न सही , वक्त का ख्याल करो ।

- राजीव " हैरान "