हमें शिद्दत से थी पानी की तलाश ,लोग पूछते थे दरिया का पता ।हम खुद पर शर्मिंदा थे बहुत ,बताओ उनको जवाब हम क्या देते ।
हमें शिद्दत से थी पानी की तलाश ,लोग पूछते थे दरिया का पता ।
हम खुद पर शर्मिंदा थे बहुत ,बताओ उनको जवाब हम क्या देते ।