चमन में जितनी रौनक है ,
गुलों की मेहरबानी है ,
जिसे ये प्यार करते हैं ,
हवाओं की रवानी है ,
गुलों को अपने दामन में ,
कभी तुम बाँध मत लेना ,
खुशबू , रूह गुल की है ,
कहाँ ये कैद होती है ।
- राजीव " हैरान "


चमन में जितनी रौनक है ,
गुलों की मेहरबानी है ,
जिसे ये प्यार करते हैं ,
हवाओं की रवानी है ,
गुलों को अपने दामन में ,
कभी तुम बाँध मत लेना ,
खुशबू , रूह गुल की है ,
कहाँ ये कैद होती है ।
- राजीव " हैरान "