जमाने नें तारीफ की जिस आवाज की ,

जाना कि उसमें दर्द छिपा बैठा है ।

महसूस किया प्यार की जिस गर्मी को ,

वहाँ भी कुछ नम और सर्द छिपा बैठा है ।

- राजीव " हैरान "