जमाने नें तारीफ की जिस आवाज की ,जाना कि उसमें दर्द छिपा बैठा है ।महसूस किया प्यार की जिस गर्मी को ,वहाँ भी कुछ नम और सर्द छिपा बैठा है ।
जमाने नें तारीफ की जिस आवाज की ,जाना कि उसमें दर्द छिपा बैठा है ।
महसूस किया प्यार की जिस गर्मी को ,वहाँ भी कुछ नम और सर्द छिपा बैठा है ।