Poetry 1 min read 820.4K reads

परवाना


जहां को नाज था ,उसके इश्क़ पर ।

शमां को फख्र था ,अपने दीवाने पर ।

परवाना था। ,पलभर में जल गया ।

— राजीव " हैरान। "
Read more Earn more Learn more